मगर उदास होना बेकार है। अशोक आज भी उसी मौज में है, जिसमें आज से दो हजार वर्ष
पहले था। कहीं भी तो कुछ नहीं बिगड़ा है, कुछ भी त

Question

मगर उदास होना बेकार है। अशोक आज भी उसी मौज में है, जिसमें आज से दो हजार वर्ष
पहले था। कहीं भी तो कुछ नहीं बिगड़ा है, कुछ भी तो नहीं बदला है। बदली है मनुष्य की
मनोवृत्ति। यदि बदले बिना वह आगे बढ़ सकती तो शायद वह भी नहीं बदलती। और
यदि वह न बदलती और व्यावसायिक संघर्ष आरम्भ हो जाता-मशीन का रथ घर्घर चल
पड़ता। विज्ञान का सावेग धावन चल निकलता तो बड़ा बुरा होता।
(क) लेखक के अनुसार किसमें परिवर्तन हुआ है?
(ख) रेखांकित अंशों की व्याख्या कीजिए।
(ग) ‘मनोवृत्ति’ और ‘धावन’ शब्दों का आशय लिखिए।
(घ) अशोक आज भी उसी मौज में क्यों है?
(ङ) उपर्युक्त गद्यांश में पाठ का शीर्षक एवं लेखक का नाम लिखिए।
नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-​

Gerda 1 year 2021-08-31T23:36:04+00:00 0

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    0
    2021-08-31T23:37:34+00:00

    Answer:

    (ख) रेखांकित अंशों की व्याख्या कीजिए।

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